उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधायकों को अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया है, ताकि सरकारी योजनाओं में तेजी लाई जा सके। भाजपा नेतृत्व विधायकों के इन छह महीनों के प्रदर्शन का मूल्यांकन नवंबर-दिसंबर में दो नए सर्वे के जरिए करेगा।उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा हाईकमान ने अपने विधायकों को प्रदर्शन सुधारने का एक और मौका दिया है। पार्टी ने सभी विधायकों को 31 अक्टूबर तक लगातार जनता के बीच रहने के साथ घोषणाओं कोजमीन पर उतारने समेत लंबित विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।पार्टी सूत्रों के अनुसार, विधायकों को अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने के लिए कहा गया है, ताकि सरकारी योजनाओं में तेजी लाई जा सके। भाजपा नेतृत्व विधायकों के इन छह महीनों के प्रदर्शन का मूल्यांकन नवंबर-दिसंबर में दो नए सर्वे के जरिए करेगा। इसी रिपोर्ट को टिकट वितरण का अंतिम आधार माना जाएगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी फिलहाल किसी भी मौजूदा विधायक का टिकट काटने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अंतिम फैसला जीत की संभावना के आधार पर ही तय किया जा सकेगा।
अब तक करवाए जा चुके हैं तीन सर्वे
उत्तराखंड में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा अपनी तैयारी शुरू कर चुकी है। विभिन्न स्तरों पर अब तक करवाए गए तीन सर्वे में भाजपा की संभावनाएं तो मजबूत मानी जा रही हैं, लेकिन कुछ विधायकों के खिलाफ एंटी इंकमबेंसी का असर भी पाया गया है और इनकी संख्या बारह से अधिक बताई गई है।
कमजोर सीटों के साथ कांग्रेस के गढ़ पर भी फोकस: भाजपा संगठन को वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कम अंतर से जीती। ऐसे में हारी हुई सीटों पर विशेष फोकस करने को कहा गया है। श्रीनगर, टिहरी, गदरपुर और नरेंद्रनगर जैसी सीटों पर भाजपा की जीत का अंतर 587 से 1798 वोट तक ही रहा था। चकराता, भगवानपुर, पिरान कलियर और धारचूला जैसी सीटें भाजपा अब तक नहीं जीत पाई है। पार्टी संगठन को कांग्रेस के मजबूत गढ़ और कम अंतर से जीती सीटों पर भी रणनीतिक तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।25 दिन में 7300 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मंजूर
चुनाव से पहले भाजपा विधायकों के आग्रह पर मुख्यमंत्री विकास योजनाओं को तेजी से मंजूरी दे रहे हैं।
● 21 अप्रैल से अब तक महज 25 दिनों में मुख्यमंत्री ने 7300.28 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें अधिकतर योजनाएं बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं से जुड़ी हैं।सरकार का फोकस साढ़े चार वर्षों में की गई घोषणाओं को पूरा किए जाने पर भी है। इस अवधि में मुख्यमंत्री ने 4,323 घोषणाएं की हैं, जिनमें से सर्वाधिक महत्वपूर्ण 2,444 के जीओ जारी किए जा चुके हैं। बाकी घोषणाओं के जीओ 15 जून तक जारी करने के निर्देश भी अफसरों को दिए गए हैं।
● नवंबर और दिसंबर में कराए जाएंगे दो और सर्वे, रिपोर्ट के आधार पर तय होगा टिकट
‘हर सीट पर जीत लक्ष्य’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार, पार्टी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सभी विधायकों को विस क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दे चुकी है। उन्होंने कहा, भाजपा का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर जीत हासिल करना है। ऐसे में हर सीट की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विधायकों को आम जनता की समस्याओं के समाधान पर विशेष फोकस करने के लिए कहा गया है।मंत्री-विधायक दोनों ने ही मैदान में बढ़ाई सक्रियता,हाईकमान के निर्देशों के बाद हाल के दिनों में मंत्रियों की अपने विस क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ गई है। बैठक-निरीक्षण और लंबित योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। विधायक भी फिलहाल दून से दूरी बनाकर अपने विधानसभा क्षेत्रों में डटे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गढ़वाल-कुमाऊं के दौरों में लगातार सक्रिय हैं। पार्टी मान रही है कि इसका सीधा लाभ विधायकों को भी मिलेगा।
