उत्तराखंड डेली न्यूज ;ब्योरो
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो पर्यटन जोन में पिछले कई दिनों से घायल घूम रहे प्रसिद्ध ‘भोला बाघ’ को आखिरकार वन विभाग की टीम ने गुरुवार रात सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।पैर में गंभीर चोट और असहनीय पीड़ा के कारण बाघ काफी कमजोर हो चुका था। उसे इलाज के लिए कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में भर्ती कराया गया है।
शिकार न करने से हो गया था बेबस
अधिकारियों के मुताबिक, बाघ के आगे के दाएं पैर के पंजे में गंभीर चोट थी, जिससे खून बह रहा था। इस चोट के कारण वह शिकार करने में पूरी तरह असमर्थ और बेबस हो गया था।भोजन न मिलने की वजह से उसके शरीर में काफी कमजोरी आ गई थी। घाव गहरा होने के कारण उसे पूरी तरह ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।
रात में ऐसे किया गया ट्रैंकुलाइज
डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या के निर्देशन में कॉर्बेट के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यंत शर्मा की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। जंगल में एक वाहन के भीतर पूरा सेटअप लगाकर टीम बाघ का इंतजार कर रही थी।रात के समय जैसे ही भोला बाघ घूमता हुआ वहां पहुंचा, डॉ. शर्मा ने ट्रैंकुलाइज गन से सटीक निशाना लगाकर उसे बेहोश कर दिया। इसके बाद रात में ही उसे ढेला रेस्क्यू सेंटर शिफ्ट किया गया।
संघर्ष या कांटा चुभने से लगी चोट
वन विभाग के अनुसार, करीब एक महीने पहले भी इस बाघ को लंगड़ाकर चलते हुए देखा गया था, लेकिन बाद में वह सामान्य हो गया था। पिछले 3-4 दिनों से उसकी समस्या अचानक फिर बढ़ गई।
