उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
पहाड़ों की रानी मसूरी इन दिनों पर्यटकों से गुलजार तो है, लेकिन यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जून के तीसरे सप्ताह में पर्यटन सीजन अपने शिखर पर पहुंचने के साथ ही जाम ने स्थानीय लोगों और सैलानियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।हालत यह है कि दिल्ली से देहरादून का सफर जहां ढाई से तीन घंटे में पूरा हो रहा है, वहीं देहरादून से महज 35 किलोमीटर दूर मसूरी पहुंचने में तीन से चार घंटे लग रहे हैं। सप्ताहांत पर स्थिति और भयावह हो रही है।सुबह से देर रात तक मसूरी-देहरादून मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। मसूरी-धनोल्टी और मसूरी-कैंपटी रोड पर भी यातायात का भारी दबाव बना हुआ है।माल रोड, गनहिल, जार्ज एवरेस्ट, कंपनी गार्डन, लाल टिब्बा, चार दुकान, भट्ठाफाल और कैंपटीफाल समेत सभी प्रमुख पर्यटन स्थल पर्यटकों से खचाखच भरे हैं। समीपवर्ती धनोल्टी में भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।चिंता की बात यह है कि चारधाम यात्रा से जुड़े भारी वाहनों को पहले ही मसूरी मार्ग से हटाकर दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-507 के जरिए विकासनगर, डामटा और नौगांव की ओर डायवर्ट किया गया है।परिवहन निगम की बसें भी विकासनगर मार्ग से संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद मसूरी शहर और उसके आसपास जाम की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, शहर के होटल लगभग पूरी तरह पैक हैं, जबकि अन्य होटलों में भी पर्यटकों की आक्युपेंसी 90 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है। इससे आने वाले दिनों में भी यातायात का दबाव कम होने की संभावना नहीं दिख रही।पार्किंग की कमी और संकरी सड़कें बढ़ा रहीं संकटमसूरी में वाहनों की बढ़ती संख्या के मुकाबले पार्किंग सुविधाएं सीमित हैं। संकरी सड़कें और सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग भी जाम को और विकराल बना रही है। वीकेंड पर हजारों अतिरिक्त वाहनों के पहुंचने से शहर की यातायात व्यवस्था जवाब दे रही है।
