उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. पंचायती राज मंत्रालय ने हिमाचल सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी पंचायतें वर्ष 2026-27 के लिए अपनी पंचायत विकास योजनाएं (GPDP) तैयार कर उन्हें 15 अगस्त 2026 तक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें.16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप पोर्टल में तकनीकी बदलाव और नए प्रावधान शामिल किए जाने के बाद 19 जून से योजना अपलोडिंग विंडो खोल दी गई है. इन योजनाओं के आधार पर आगामी वित्तीय वर्ष में गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी.
सभी राज्यों को जारी पत्र
पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी ने हिमाचल सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों एवं सचिवों को पत्र भेजकर पंचायत विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से तैयार करने और पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं.पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) विकेंद्रीकृत योजना निर्माण और सहभागी शासन व्यवस्था की आधारशिला है. ग्राम सभाओं और स्थानीय हितधारकों की सक्रिय भागीदारी से तैयार होने वाली ये योजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं और विकास प्राथमिकताओं को पहचानने और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग का मार्ग प्रशस्त करती हैं.
15 अगस्त तक खुली रहेगी अपलोडिंग विंडो
मंत्रालय के अनुसार 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को शामिल करने और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के GPDP मॉड्यूल में आवश्यक तकनीकी संशोधन किए जाने के कारण इस वर्ष प्रक्रिया में कुछ विलंब हुआ है. इसी वजह से पंचायतों को पर्याप्त समय देने के लिए योजना अपलोडिंग विंडो 15 अगस्त 2026 तक खुली रहेगी.पंचायत विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों में विभिन्न विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाती हैं. इनमें प्रमुख रूप से पेयजल सुविधाए,स्वच्छता एवं साफ-सफाई, शिक्षा से जुड़े कार्य, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन व सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शामिल हैं.
