उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
रक्षा बंधन का त्योहार देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र या राखी बांधती हैं और उनकी लंबी आयु की प्रार्थना करती हैं। जानें इस बार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त।रक्षा बंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है:श्रावण (सावन) पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 09 बजकर 08 मिनट पर प्रारंभ होगी और 28 अगस्त 2026 को सुबह 09 बजकर 48 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। राखी बांधने का उत्तम मुहूर्त सुबह 05 बजकर 57 मिनट से सुबह 09 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
राखी बांधने का दूसरा शुभ मुहूर्त:
राखी बांधने के लिए दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 52 मिनट से शाम 04 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।राहुकाल: इस समय नहीं नहीं बांधे राखी,ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस समय किए गए कार्यों का विपरीत या नकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। रक्षा बंधन के दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। राहुकाल के समय राखी बांधना वर्जित होता है।
रक्षा बंधन पर भद्रा रहेगी या नहीं:
ज्योतिष शास्त्र में भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित है। लेकिन 28 अगस्त को भद्रा नहीं है। इसलिए पूरे दिन राहुकाल को छोड़कर कभी भी राखी बांध सकते हैं। रक्षा बंधन पर भद्रा का कोई दोष नहीं रहेगा।
रक्षा बंधन नियम:
1. सबसे पहले राखी बाल गोपाल या ईष्ट देवता को अर्पित करें और भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
2.राखी बांधते समय भाई का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। भाई के सिर पर रूमाल या कोई शुद्ध वस्त्र रखें।
3. भाई को टीका लगाकर टीका के ऊपर अक्षत लगाएं। पूजा की थाली में घी का दीपक जलाकर सबसे पहले भगवान की आरती उतारें, फिर भाई की आरती उतारनी चाहिए।
4. अब भाई की दाई कलाई में राखी बांधना चाहिए।
5. भाई बहन एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराएं। भाई को अपनी सामर्थ्य अनुसार बहन को धन या अन्य कोई वस्तु अवश्य देनी चाहिए।
