
उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
चमोली। लगातार हो रही बारिश के बीच आखिरकार करीब 40 घंटे बाद सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया। शुक्रवार देर शाम सीमा सड़क संगठन बीआरओ ने आमसोड़ के पास भारी भूस्खलन से बंद पड़े मार्ग को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया। सड़क खुलते ही यात्रियों, स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।गुरुवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण आमसोड़ के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरे थे। इसके चलते मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था। सड़क बंद होने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कई ग्रामीण और यात्री जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही करने को मजबूर हुए।हालात को देखते हुए सीमा सड़क संगठन ने तत्काल मोर्चा संभाला। भारी पोकलैंड मशीनों, जेसीबी और अन्य उपकरणों को मौके पर लगाया गया। सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और पूरी तकनीकी टीम लगातार दिन-रात मौके पर डटी रही। लगातार बारिश और पहाड़ी से गिरते मलबे के बीच भी अभियान नहीं रुका और आखिरकार करीब 40 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया।यह राष्ट्रीय राजमार्ग चमोली जिले के कई क्षेत्रों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसके बंद रहने से यात्रियों, स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क खुलते ही वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी।स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने बीआरओ की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह का भारी भूस्खलन हुआ था, उसे देखकर लग रहा था कि सड़क खुलने में कई दिन लग जाएंगे।लेकिन बीआरओ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में भी लगातार काम कर असंभव लग रहे कार्य को संभव बना दिया। लोगों ने टीम का आभार जताते हुए कहा कि उनकी तत्परता और मेहनत के कारण क्षेत्र का जीवन फिर से पटरी पर लौट सका।लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। वहीं बीआरओ ने भी बताया कि संवेदनशील स्थानों पर मशीनें तैनात रखी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सड़क खोलने की कार्रवाई की जा सके।
