
उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
देहरादून, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ और किसानों को खाद-बीज, ऋण एवं बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने वाली प्रदेश की 670 सहकारी समितियों में सरकार की नीतियों के चलते कार्य पूर्णतः ठप हो गया है, वर्तमान में मटर, सरसों आदि की बुवाई के लिए किसान खेत तैयार कर बैठे हैं और उन्हें तत्काल ऋण, खाद-बीज की आवश्यकता है, परंतु पैक्स सचिव कर्मचारी संयुक्त संगठन, उत्तराखंड के आह्वान पर प्रदेशभर के पैक्स कैडर सचिवों एवं सहकारी कर्मचारियों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया हुआ है।संगठन के आह्वान पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में पैक्स सचिव एवं कर्मचारी देहरादून पहुंचे और निबंधक, सहकारी समितियां, उत्तराखंड कार्यालय, मियाँवाला के समक्ष एकत्रित होकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी कर शासन एवं विभाग से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि पैक्स सचिव एवं कर्मचारी लंबे समय से छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। 18 सितंबर 2026 से चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया गया और दिनांक 01 अक्टूबर से 04 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में कलमबंद हड़ताल की गई। इसके बावजूद शासन एवं विभाग द्वारा मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।इसी कारण पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 05 अक्टूबर से प्रारंभ निबंधक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना-प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा ।संगठन ने कहा कि पैक्स सचिव एवं कर्मचारी सहकारिता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। पैक्स के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीण जनता को ऋण, खाद-बीज, निक्षेप, जन औषधि केंद्र, सीएससी सेंटर, मिलेट मिशन सहित अन्य सहकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, इसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा है। धरना स्थल पर संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक छह सूत्रीय मांगों पर शासन एवं विभाग द्वारा सकारात्मक एवं ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।संगठन ने सरकार से तत्काल वार्ता बुलाकर सभी मांगों का समयबद्ध समाधान करने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जा रहा है।

