उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
एआरटीओ ने यात्री बनकर हरिद्वार में ई-रिक्शा की जांच की,ओवरचार्जिंग और ओवरलोडिंग के लिए तीन ई-रिक्शा सीज किए गए,चारधाम यात्रियों के आर्थिक शोषण रोकने को परिवहन विभाग की पहलचारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुविधा व उनके आर्थिक शोषण की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा ने चेकिंग का अनूठा तरीका अपनाया।एआरटीओ निखिल शर्मा ने खुद सामान्य यात्री के रूप में विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शाओं में सफर किया। तीन प्रकरण में ज्यादा किराया वसूलने और ओवरलोडिंग की बात सामने आने पर तीनों ई रिक्शा सीज कर दिए गए।
चालक ने 50 रुपये वसूले
जांच के दौरान प्रथम ई-रिक्शा में ऋषिकुल से शिवमूर्ति चौक तक दो यात्रियों के साथ यात्रा की गई। इतनी दूरी के लिए सामान्यतः लगभग 20 रुपये किराया लिया जाना चाहिए था, लेकिन चालक ने 50 रुपये वसूले। यात्रियों से अत्यधिक किराया वसूलने व नियमों के उल्लंघन के कारण ई-रिक्शा को तत्काल सीज कर दिया गया।इसके बाद शिवमूर्ति चौक से भगत सिंह चौक तक यात्रा के दौरान एक अन्य ई-रिक्शा चालक 30 रुपये किराये की जगह 150 रुपये की मांग की। आरोपित चालक के ई-रिक्शा को भी तत्काल सीज कर दिया गया। जबकि तीसरे प्रकरण में भगत सिंह चौक से शिवालिक नगर तक यात्रा के दौरान संबंधित चालक ने ज्यादा किराया वसूलने के साथ-साथ निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर ओवरलोडिंग भी की।यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ को अत्यंत गंभीर मानते हुए आरोपित का ई-रिक्शा भी तत्काल सीज कर दिया गया। एआरटीओ प्रशासन निखिल शर्मा ने बताया कि शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार ई-रिक्शा में सवारियों से मिलाकर अधिकतम 12 प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जा सकता है।इसके बावजूद कुछ ई-रिक्शा चालक चारधाम यात्रियों व स्थानीय नागरिकों से निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक किराया वसूल कर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं। एआरटीओ ने आमजन व चारधाम यात्रियों से अपील की कि यदि कोई ई-रिक्शा चालक निर्धारित किराए से अधिक धनराशि वसूलता है या ओवरलोडिंग करता है तो इसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग को दें, जिससे त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
