उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
जिम्मेदारियों का बोझ एक उम्र तक ही सही लगता है। इसके बाद आराम का दौर होता है। मगर मुंबई के मनसुख काका के साथ ऐसा नहीं हुआ। 82 साल की उम्र में वो सड़क किनारे दुकान लगाते हैं और अपने घर का खर्च चलाते हैं। इनकी कहानी मुश्किलों का सामना करने की प्रेरणा देती है।मुंबई की तेज रफ्तार जिंदगी कई लोगों को सपने पूरे करने की हिम्मत देती है तो कुछ को अंदर तक तोड़ भी देती है। मगर इन सारी परिस्थितियों में टिका वो रहता है जो हिम्मत नहीं हारता है। मुंबई के बोरिवली में एक ऐसे ही शख्स से आपका सामना हो सकता है। ये 82 साल के हैं और आज भी रोजी रोटी की दौड़ में तेज रफ्तार से कदम बढ़ा रहे हैं।मनसुख काका पूरी जिंदगी एक साड़ी की दुकान में सेल्समैन रहे। पर फिर वो कोविड का दौर आया जब लोगों की नौकरियां जा रही थीं। मनसुख काका के साथ भी यही हुआ। वो बीमार भी हुए और इस बीमारी में उनका ख्याल रखने के लिए बेटे ने भी जॉब छोड़ दी। खर्चे कैसे चलते।मनसुख काका को चलने में दिक्कत है। लेकिन वो कई घंटे काम करते हैं और इसके बावजूद उनकी एक दिन की कमाई करीब 300 रुपये ही होती है। ये वीडियो Aradhana Chatterjee ने शेयर किया है। उन्होंने कैप्शन में मदद की गुहार भी लगाई है। मुंबई में रहने वालों के लिए इसमें मनसुख काका की लोकेशन भी दी गई है।स्टॉल चलाना आसान नहीं है। इसमें 12 घंटे का काम होता है, जहां वो कभी खड़े होकर या बैठकर किसी तरह सेल करते हैं। ये सारा आइटम उनकी बहन बनाती हैं और वो काफी वैरायटी में ये सब बनाती हैं। मनसुख हर एक प्रोडक्ट बेचने के बाद डायरी में लिखते रहते हैं। ताकि कुछ भूलें न।
