उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
एक समय था जब भारत में लोग संस्कृत में बातें करते थे. लेकिन धीरे-धीरे हिंदी और अब कई जगह इंग्लिश का चलन आ गया. लेकिन भारत में आज भी एक ऐसा गांव है, जहां आम जिंदगी में भी लोग बातचीत के लिए संस्कृत भाषा का ही प्रयोग करते हैं. यहां तक कि खेलने के दौरान बच्चे भी संस्कृत में ही बात करते हैं.भारत में लोग अपने विचारों के आदान-प्रदान के लिए कई भाषा का प्रयोग करते हैं. एक समय था जब यहां संस्कृत में ही बातचीत की जाती थी. लेकिन समय के साथ संस्कृत को मृत भाषा कहकर कई लोगों ने खारिज कर दिया. लेकिन कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में एक गांव इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर रहा है. इस गांव का नाम है मत्तूर.तुंगा नदी के किनारे बसा यह छोटा सा गांव पूरे भारत में “Sanskrit Village” के नाम से प्रसिद्ध है. यहां के निवासी ना सिर्फ संस्कृत समझते हैं बल्कि अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इसे बोलते भी हैं. सबसे हैरानी तो इस बात की है कि गांव में खेलते बच्चे भी आपको संस्कृत में बोलते नजर आ जाएंगे.
