उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
“संयुक्त मोर्चा ने सरकार को दिया 21 सितंबर तक का समय, मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन”
देहरादून(एल मोहन लखेड़ा), राज्य के विभिन्न विभागों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थानों और बैंकों में कार्यरत ठेका, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों ने समान काम के लिए समान वेतन और आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संयुक्त मोर्चा आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने कहा कि वर्षों से नियमित कर्मचारियों के समान जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें समान वेतन और सेवा संबंधी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।सोमवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान मोर्चा अध्यक्ष मंगलेश लखेड़ा, महामंत्री पान सिंह चिलवाल, संगठन मंत्री उमेश चंद्र बिनवाल, कोषाध्यक्ष संजय कुमार और संयोजक राकेश सिंह चौहान ने सरकार के समक्ष दो सूत्रीय मांगें रखीं।मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों को नियमित कार्मिकों के समान प्रकृति का कार्य करने के बावजूद वेतन और सेवा लाभ में असमानता का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने 26 अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा State of Punjab & Others बनाम Jagjit Singh & Others मामले में दिए फैसले का हवाला देते हुए उत्तराखंड में समान काम-समान वेतन के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की।दूसरी प्रमुख मांग ठेका और आउटसोर्स प्रथा समाप्त कर वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की है। मोर्चा ने स्थायी रोजगार अथवा नियमितीकरण के लिए स्पष्ट एवं न्यायसंगत नीति बनाने, बार-बार एजेंसी या ठेकेदार बदलने की व्यवस्था पर रोक लगाने तथा सेवा निरंतरता सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही कर्मचारियों को वेतन, ईपीएफ, ईएसआई समेत सभी वैधानिक सेवा लाभ देने की मांग उठाई।मोर्चा ने शासन से 21 सितंबर तक सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो इसी दिन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सचिवालय कूच रैली आयोजित की जाएगी।उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारी हित में वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान करेगी।
