उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
अल्मोड़ा। प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड की 10 सूत्रीय मांगों का समाधान न होने से ग्राम प्रधानों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश है। पिछले चार महीनों से जारी संघर्ष के बावजूद कोई सकारात्मक निर्णय न लिए जाने के विरोध में प्रधान संगठन ने अल्मोड़ा में बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है।प्रधान संगठन जनपद अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष सी.पी. जोशी (सुनील) ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
22 सितंबर को मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में धरना
ज्ञापन के अनुसार, मांगों के समर्थन में प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर 22 सितंबर 2026 को सुबह 11:00 बजे से जिला मुख्यालय स्थित मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यदि इसके बाद भी समाधान नहीं निकला, तो शीघ्र ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
संगठन की प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें:
मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए तथा वार्ड सदस्यों को प्रति बैठक उचित भत्ता दिया जाए। मानदेय का भुगतान छठे राज्य वित्त आयोग के अनुदान से न करके इसके लिए पृथक फंड की व्यवस्था हो।VBGRAMG योजना और मजदूरी: योजना में कमजोर नेटवर्क कनेक्टिविटी को देखते हुए श्रमिकों की उपस्थिति पूरी तरह से ऑफलाइन दर्ज की जाए। कुशल व अकुशल मजदूरी में सम्मानजनक बढ़ोतरी का प्रस्ताव केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजा जाए।अनुदान धनराशि में बढ़ोतरी: ग्राम पंचायतों को मिलने वाले राज्य व केंद्रीय वित्त आयोग के अनुदान को भौगोलिक क्षेत्रफल के अनुसार बढ़ाया जाए।
जिला योजना में जनभावनाओं को स्थान: खुली बैठकों से अनुमोदित प्रस्तावों को ही कार्ययोजना में शामिल किया जाए। प्रधान संगठन के सभी 95 ब्लॉक अध्यक्षों को बैठकों में आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।73वें संविधान संशोधन का पालन: 73वें संविधान संशोधन के तहत ग्राम पंचायतों को सभी 29 विभाग जल्द से जल्द हस्तांतरित किए जाएं।पंचायत निधि का गठन: विधायक और सांसद निधि की तर्ज पर बजट में पृथक ‘पंचायत निधि’ की व्यवस्था की जाए।निर्माण कार्यों की कार्यदायी संस्था: 10 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायतों को ही बनाया जाए, जिससे पलायन रुके और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिले।स्वास्थ्य बीमा योजना: पंचायती राज विभाग उत्तराखंड द्वारा सभी ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य बीमा कराया जाए।प्रधानमंत्री आवास योजना में छूटे नाम जुड़ें: पीएम आवास सर्वेक्षण 2024 में छूटे पात्र और जरूरतमंद परिवारों के नाम ग्राम पंचायतों की आम बैठकों के माध्यम से जोड़ने का अधिकार मिले।टैक्स प्रावधानों में छूट: 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के तहत ग्रामीणों से टैक्स लेने के प्रावधान में भौगोलिक स्थिति के अनुसार छूट दिए जाने की सिफारिश केंद्र सरकार से की जाए।प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष सी.पी. जोशी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उपेक्षात्मक रवैया अपना रही है, जिससे राज्य भर के ग्राम प्रधानों में नाराजगी है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और जिला सूचना अधिकारी को भी अग्रिम कार्रवाई व सूचना हेतु प्रतिलिपि भेजी गई है।
