उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
कई वर्षों से बिजली बिल बकाया, बीएसएनएल टावर की बिजली काटी; 15 ग्राम सभाओं का नेटवर्क ठप
10.07 लाख रुपये के भुगतान पर अटका मामला,
चमोली / आम उपभोक्ता बिजली का बिल समय पर जमा न करे तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। लेकिन जब किसी सरकारी विभाग का बिजली बिल वर्षों तक बकाया रहे तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बिल भुगतान की व्यवस्था समय पर क्यों नहीं हो पाती। चमोली जिले की दूरस्थ निजमूला घाटी में बीएसएनएल के मोबाइल टावर का बिजली कनेक्शन कटने के बाद यह सवाल एक बार फिर सामने आया है।निजमूला घाटी में संचार व्यवस्था का एकमात्र सहारा बीएसएनएल मोबाइल टावर है। लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं होने पर विद्युत विभाग ने टावर का कनेक्शन काट दिया। इसके बाद घाटी की करीब 15 ग्राम सभाओं में मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया है। नेटवर्क बंद होने से ग्रामीणों को फोन कॉल, इंटरनेट और जरूरी संचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई वर्षों से 10.07 लाख रुपये बकायाविद्युत विभाग के जेई दीपक राणा के मुताबिक बीएसएनएल पर कई वर्षों से करीब 10 लाख 7 हजार 280 रुपये का बिजली बिल बकाया चल रहा था। विभाग की ओर से बीएसएनएल को कई बार बकाया बिल जमा करने के लिए सूचित किया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बीएसएनएल मोबाइल टावर का विद्युत कनेक्शन काट दिया गया।अब सवाल यह भी है कि जब आम उपभोक्ता को हर महीने बिजली का बिल जमा करना पड़ता है, तो सरकारी दूरसंचार निगम बीएसएनएल का बिजली बिल वर्षों तक लंबित क्यों रहा? यदि विभाग की ओर से लगातार भुगतान के लिए सूचित किया जा रहा था तो समय रहते बकाया राशि जमा क्यों नहीं कराई गई?
बीएसएनएल ने कार्रवाई पर जताई आपत्ति,बीएसएनएल के एसडीओ राजेश सैनी ने विद्युत विभाग की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि विभाग की ओर से बिल उपलब्ध कराए बिना ही कनेक्शन काट दिया गया, जो उचित नहीं है। उनका कहना है कि टावर की बिजली कटने से पूरे क्षेत्र की संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।एक टावर बंद और 15 ग्राम सभाएं नेटवर्क से बाहर,पूर्व प्रधान ब्यारा बृजलाल ने बताया कि निजमूला घाटी में बीएसएनएल का यही एकमात्र मोबाइल टावर है। इसके बंद होने से करीब 15 ग्राम सभाओं के ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क से कट गए हैं।बाहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिजनों से संपर्क करने में परेशानी हो रही है। वहीं आपात स्थिति में फोन नहीं लग पाने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।भाजपा नेता बीरेंद्र फर्वाण ने विद्युत विभाग और बीएसएनएल से मामले का जल्द समाधान कर टावर की बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में संचार व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। विभागों के बीच जो भी मामला है, उसका शीघ्र समाधान होना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को संचार सुविधा से वंचित न रहना पड़े।
बड़ा सवाल
बिजली का बिल समय पर जमा नहीं हुआ, कनेक्शन कट गया और अब इसकी कीमत ग्रामीण चुका रहे हैं। सवाल यही है कि आखिर कई वर्षों तक बीएसएनएल का बिजली बिल लंबित कैसे रहा और समय रहते इसका भुगतान क्यों नहीं कराया गया
