
उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर की मदद से पुलिस पहुंची आरोपियों तक, पूछताछ में लंगासू की चोरी का भी खुलासा
थराली। नारायणबगड़ के पन्ती पंप हाउस में हुई चोरी की वारदात का थराली पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की घटना से जुड़े अहम सुराग जुटाए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पन्ती पंप हाउस से स्टार्टर पैनल, एक्सटेंशन बोर्ड और तार चोरी करना स्वीकार किया है। साथ ही कर्णप्रयाग कोतवाली क्षेत्र के लंगासू में भी चोरी की घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है।पन्ती पंप हाउस में चोरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई थी। टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक देवेंद्र कुमार भारती ने किया।चोरों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के साथ ही जनपद तथा गैर जनपदों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्धों की आवाजाही की जानकारी जुटाने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का भी विश्लेषण किया गया। लगातार जांच और मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।पुलिस ने 4 अक्तूबर 2026 को कोतवाली श्रीनगर गढ़वाल से तीन आरोपियों सहादत पुत्र नफीस निवासी नल्हेड़ा गाजी, थाना गागलहेड़ी, सहारनपुर, मोबिन पुत्र फुरकान निवासी नल्हेड़ा गाजी, थाना गागलहेड़ी, सहारनपुर और सूरज सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी दरमोला, रुद्रप्रयाग को गिरफ्तार किया।पूछताछ में आरोपियों ने पन्ती पंप हाउस से स्टार्टर पैनल, एक्सटेंशन बोर्ड और तार चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने चोरी किया सामान बेच दिया था। पूछताछ में चमोली के कर्णप्रयाग क्षेत्र के लंगासू में भी चोरी की घटना में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों की अन्य आपराधिक गतिविधियों और पूर्व की घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि चोरी की घटना के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचकर घटना का खुलासा किया है। पुलिस अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।थराली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश किया।पुलिस टीम में उपनिरीक्षक देवेंद्र कुमार भारती, अपर उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल दीपक नेगी और कांस्टेबल रोहित राणा शामिल रहे।

