
उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
थराली। थराली-देवाल मोटर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। थराली तिराहे के पास सड़क के निचले हिस्से में प्लम बनाकर सुरक्षा दीवार तैयार की जा रही है। निर्माण की प्रक्रिया को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है और मौके पर इसकी निगरानी कर रहे अभियंता गुणवत्ता को लेकर गंभीर हैं।स्थानीय स्तर पर इस मार्ग पर एक ही स्थान पर अलग-अलग समय में सुरक्षा के लिए कभी वायरक्रेट तो कभी पत्थरों की दीवार बनाई जाती रही है। अब यहां प्लम निर्माण का कार्य किया जा रहा है। आरोप है कि प्लम में पत्थरों की भराई करने के बाद ऊपर से सीमेंट और कंक्रीट का घोल डालकर उसे मजबूत दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।कुछ महीनों बाद कमजोर पड़ गई सुरक्षा दीवार तो कौन होगा जिम्मेदार,सड़क के निचले हिस्से में प्लम और सुरक्षा दीवार बनाने का उद्देश्य सड़क को सुरक्षित रखना और मिट्टी के कटाव को रोकना होता है। ऐसे में निर्माण में लापरवाही होने पर भविष्य में सड़क को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों और राहगीरों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। सवाल यह है कि जब निर्माण कार्य की निगरानी के लिए विभागीय अभियंता तैनात हैं, तो गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है ।वहीं, पुस्ता निर्माण के दौरान सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर आने से मार्ग का हिस्सा प्रभावित होने की बात भी सामने आ रही है। इससे निर्माण कार्य के तरीके और सड़क पर आवाजाही की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ठेकेदार के काम की जांच करेगा विभाग
थराली तिराहे के पास चल रहे निर्माण कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। आखिरकार निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं, इसकी जांच कौन करेगा? क्या विभागीय अधिकारी मौके पर निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं? यदि निर्माण में खामियां पाई जाती हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी
अब देखना होगा कि लोक निर्माण विभाग इन सवालों पर क्या जवाब देता है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए कोई कदम उठाता है या नहीं।

