
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
देहरादून, क्रिएटिव उत्तराखंड द्वारा दून में 23,24 व 25 अक्टूबर को आयोजित किताब कौतिक के प्रथम चरण में बालप्रहरी बाल लेखन कार्यशाला शुरू हो गई है। अल्मोड़ा से प्रकाशित बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी, भारत ज्ञान विज्ञान समिति तथा तथा देहरादून किताब कौतिक आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से 14 से 18 अक्टूबर तक दून लाइबेरी देहरादून में आयोजित बाल लेखन कार्यशाला में बुधवार को 35 बच्चों ने प्रतिभाग किया। 5 दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला का शुभारंभ ‘ज्ञान का दीया जलाने’ समूह गीत से हुआ। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व अपर निदेशक शिक्षा एस पी सेमवाल ने कहा मोबाइल संस्कृति के आज के दौर में बच्चे पुस्तकों से दूर होते जा रहे हैं। एक जागरूक शिक्षक, साहित्यकार व अभिभावक बतौर हम बड़े लोगों को सबसे पहले पठन-पाठन की आदत विकसित करनी होगी।मुख्य प्रशिक्षक और बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला ने कहा कि बालप्रहरी द्वारा अभी तक भारत के 16 राज्यों में 350 से अधिक पांच दिवसीय कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 5 दिवसीय कार्यशाला में बच्चों को मौखिक व लिखित अभिव्यक्ति के लिए प्रेरित किया जाना इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है।क्रिएटिव उत्तराखंड अभियान एवं किताब कौतिक के मुख्य संयोजक हेम पंत ने सभी का स्वागत करते कहा कि उत्तराखंड में जन सहयोग से 12 किताब कौथिग हो चुके हैं। दून लाइबेरी देहरादून में अगला किताब कौथिग 23, 24 तथा 25 अक्टूबर को दून लाइबेरी में होगा। उन्होंने कहा कि बाल लेखन कार्यशाला भी किताब कौतिग का ही एक भाग है।कार्यशाला के पहले दिन बच्चों को कविता की जानकारी देते हुए हरिद्वार के वरिष्ठ साहित्यकार प्रकाश चंद्र पांडे ने कहा कि हमारे आंतरिक मन के विचार ही कविता हैं। उन्होंने कहा कि हमें कविता व कहानी लिखने से पहले हमें अपने पाठ्य पुस्तक व दूसरे लेखकों कीकविताओं व कहानियांं को पढ़ना भी जरूरी है। कविता सत्र में पहले बच्चों ने अपने पाठ्य पुस्तक की कविताएं सुनाई। बाल साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डा. सुरेंदत्त सेमल्टी ने भी कविता लेखन की जानकारी दी।आज पहले दिन अध्यक्ष मंडल में ईशिका, शालिनी, सरोज कुमार तथा साधना को शामिल किया गया। आज संपन्न नाम लेखन प्रतियोगिता, शब्द लेखन प्रतियोगिता, पहाड़े लिखो प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता में सरोज कुमार, गायत्री कुमार, शालिनी थापला, अंशिका रावत, चंचला, नशरा प्रवीन आदि बच्चों को सुरेंद्रदत सेमल्टी, श्याम पलट पांडेय आदि के सौजन्य से पुरस्कार में बालसाहित्य दिया गया।इस अवसर पर भारत समिति विज्ञान समिति के प्रांतीय अध्यक्ष विजय भट्ट, कमलेश खंतवाल,डॉ चंद्र कला भंडारी, चंद्रशेखर तिवारी,डी के पांडेय शालिनी मनी, कीर्ति गोयल, हेमलता तिवारी, कुसुम वर्तवाल, अनीता चौहान, पद्मा जैन, जे बी गोयल, अनीता अंथवाल, योगेन्द्र नेगी, प्रीति थपलियाल, शिवराज, कीर्ति गोयल आदि उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन अदिति देवलोकी ने किया। अंत में अजीम प्रेम जी फाउंडेशन की चंद्रकला भंडारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

