
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
देहरादून, कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून में आयोजित पांच दिवसीय नागरिक सुरक्षा शिविर का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शमेन्द्र साहू, उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, उत्तराखंड ने शिविर में प्रतिभाग करने वाले प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने नागरिक सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षण, तत्परता और जनसेवा की भावना को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा का प्रशिक्षण समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथआपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सहायता करने के लिए भी प्रेरित करता है। समारोह में कन्या गुरुकुल परिसर की समन्वयक प्रो. हेमन पाठक ने अपने संबोधन में शिविर के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नागरिक सुरक्षा का ज्ञान वर्तमान समय में अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि आपदा अथवा किसी भी आपातकालीन स्थिति में जागरूकता, सूझबूझ और समय पर की गई सहायता अनेक लोगों के जीवन की रक्षा कर सकती है।प्रो. पाठक ने शिविर के आयोजन में योगदान देने वाले सभी प्रशिक्षकों, अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कन्या गुरुकुल परिसर छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने छात्राओं एवं शिक्षिकाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस शिविर से प्राप्त ज्ञान एवं प्रशिक्षण का उपयोग वे समाज में जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों की सहायता करने में करें।समापन समारोह में डॉ. अनिल वर्मा सचिव, रेड क्रॉस सोसाइटी, विपिन छाचरा, डॉ. रुचिका पाहवा, कुलदीप सिंह, दीपक चौहान, मेहराज मोहन, अमजद अली, उमेश जिंदल, पंकज भार्गव; श्रीमती ममता नागर; श्रीमती मीना शर्मा एवं श्रीमती आभा शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर में कन्या गुरुकुल परिसर के विभिन्न विभागों की छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।पांच दिवसीय शिविर के दौरान नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी तथा सामाजिक सेवा की भावना को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया। शिविर का समापन नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता, सेवा भावना और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के संकल्प के साथ हुआ।

