
उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
शिव सिंह थलवाल उत्तरकाशी। लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी ने गुरुवार को “लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ” मार्च निकालकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मुख्य बस अड्डे पर उनका पुतला भी फूंका।कार्यक्रम की शुरुआत गांधी प्रतिमा के समक्ष राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 326 में प्रदत्त वयस्क मताधिकार का सामूहिक वाचन किया और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। नगर में निकाले गए मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ” और “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” समेत विभिन्न नारे लगाए।कांग्रेस कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर और बांह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन में शामिल हुए। पार्टी ने इसे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में काला दिवस बताया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप रावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सीएलपी नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वरिष्ठ सांसद प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ पुलिस द्वारा किया गया व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम से पहले नजरबंद कर दिनभर पुलिस हिरासत में रखा गया।रावत ने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्रीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष चिन्यालीसौड़ देवजन बंठवान, मनोज पंवार, जिला कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष गायत्री सेमवाल, नैन सिंह बिष्ट, प्रकाश चंद सेमवाल, पूर्व प्रमुख कनकपाल सिंह परमार, जिला सेवादल संयोजक कमल सिंह रावत, विजेंद्र नौटियाल, अनुराग रांगड़, कमलेश मेहता, एकादशी, बीना साह, राखी राणा, मधु रावत, सुरेंद्र भट्ट, रमा भट्ट, जिला महामंत्री नवीन भंडारी, जीतम रावत, भगत सिंह रावत, अनबीर पंवार, विक्रम सिंह रावत, घनानंद नौटियाल, पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह, जावेद खान, सूर्यवल्लभ नौटियाल, शीशपाल पोखरियाल, बी.एल. गलवान और दिनेश लाल समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

