
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
शादी में फिजूल खर्ची पर रोक लगाने को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक गए निर्णय चकराता। विकासखंड चकराता के ग्राम कुराड़ और सिचाड़ के ग्रामीणों ने सामाजिक परंपराओं को सरल बनाने और शादी विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। दोनों गांवों के ग्रामीणों की एक बैठक स्याणा मातवर सिंह कुराड़ और स्याणा राजेंद्र सिंह सिचाड़ के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में विवाह समारोहों एवं सामाजिक रीति रिवाजों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।बैठक में निर्णय लिया गया कि गांव में पहली शादी के दौरान महिलाएं केवल तीन प्रमुख आभूषण गले में मंगलसूत्र, नाक में फुल्ली और कानों में झुमके पहनकर ही शामिल हो सकेंगी। इसके साथ ही शादी विवाह में पक्की शराब और फास्ट फूड पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया।बैठक में तय किया गया कि भांजे की शादी में मामा पक्ष की ओर से केवल एक बकरा दिया जाएगा। वहीं, लड़की की शादी में केवल पांच बर्तन (पंच बन्डियाई) ही दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त रोहिणी (महिलाओं) को चांदी के सिक्के देने तथा शादी में फास्ट फूड पर भी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया।दोनों गांवों के ग्रामीणों ने आपसी सहमति से इन सामाजिक नियमों को लागू करने का निर्णय लिया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई परिवार इन फैसलों का उल्लंघन करता है, तो उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही संबंधित परिवार का दोनों गांवों से सामाजिक बहिष्कार किए जाने का भी निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों का मानना है कि इन फैसलों से शादी विवाह में होने वाले अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी और समाज में सादगी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में भी मदद मिलेगी। बैठक में मेहर सिंह, गुड्डू, अमर सिंह, यशपाल, वीरेंद्र सिंह, खजान सिंह, दिनेश चौहान, शूरवीर, अनिल सहित दोनों गांवों के अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

