
उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो
उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की विभिन्न मांगों के संबंध में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग द्वारा जारी बैठक के कार्यवृत्त में विश्वविद्यालय कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक एवं समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश/अभिमत दर्ज किए गए हैं। कार्यवृत्त में प्रदेश के विश्वविद्यालयों में लंबित गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्ती से लेकर प्रयोगशाला सहायकों के वेतनमान तथा संस्कृत विश्वविद्यालय के लंबित पदों के पुनर्गठन जैसे विषयों को प्रमुखता से लिया गया है।
कार्यवृत्त में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर कार्यवाही का उल्लेख किया गया है—
1.विश्वविद्यालयों में लंबित गैर-शैक्षणिक रिक्तियों पर भर्ती:
प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में लंबित गैर-शैक्षणिक रिक्त पदों को भरे जाने के संबंध में संबंधित विभाग, विश्वविद्यालयों के साथ बैठक कर एक माह के भीतर निर्णय लेते हुए शासन को स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराने की कार्यवाही करेगा। साथ ही, ऐसे पदों को आयोग के माध्यम से भरे जाने के संबंध में भी विचार किए जाने की बात कही गई है।
2.गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के प्रयोगशाला सहायकों का वेतन स्तर: विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों, विशेषकर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों के अनुरूप वेतन लेवल-4 अनुमन्य किए जाने के विषय को कार्यवृत्त में स्थान दिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किए जाने का उल्लेख है।
3.उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के लंबित पदों का पुनर्गठन:
शासन में लंबित संस्कृत विश्वविद्यालय के पदों के पुनर्गठन के प्रस्ताव की तत्काल समीक्षा किए जाने तथा संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की बात कही गई है।विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने कार्मिक विभाग द्वारा इन महत्वपूर्ण विषयों को कार्यवृत्त में सम्मिलित किए जाने का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि संबंधित विभागों द्वारा अब समयबद्ध एवं ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। महासंघ का कहना है कि विश्वविद्यालयों में वर्षों से लंबित गैर-शैक्षणिक नियुक्तियों एवं कर्मचारियों से जुड़े सेवा संबंधी मामलों के समाधान से न केवल कर्मचारियों को न्याय मिलेगा, बल्कि विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों में भी गति आएगी।महासंघ ने शासन से कार्यवृत्त में उल्लिखित बिंदुओं पर शीघ्र शासनादेश/आवश्यक आदेश जारी कर प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

