उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
देहरादून, माया देवी विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित संस्कारारंभ 2026 स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, एंटी-रैगिंग और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने जागरूक किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, जिम्मेदार और सकारात्मक विश्वविद्यालयी जीवन के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना रहा।कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल, वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल, पीपीएस रिटायर्ड संगठन के अध्यक्ष जगदीश भंडारी और बीबी डी जुयाल ने संयुक्त रूप से किया।इस दौरान वाइस प्रेसिडेंट डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और इससे होने वाले व्यक्तिगत व सामाजिक नुकसान की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने का आह्वान किया। नशे की दुनिया से बाहर निकल चुके कुछ लोगों ने भी अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए और नशे से होने वाले नुकसान के प्रति आगाह किया।एंटी-रैगिंग विशेषज्ञ डॉ. संदीप ने विद्यार्थियों को रैगिंग से जुड़े नियमों, विश्वविद्यालय की नीतियों और इसके कानूनी व सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही नशे, रैगिंग और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से बचाव का प्रभावी माध्यम है।साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ राजीव सेमवाल ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, साइबर अपराध, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, मजबूत पासवर्ड, ओटीपी और निजी जानकारी की सुरक्षा के बारे में महत्वपूर्ण सावधानियां बताईं। उन्होंने विद्यार्थियों से अनजान लिंक पर क्लिक न करने और संदिग्ध संदेशों का जवाब नहीं देने की अपील की। उन्होंने बताया कि यूजीसी ने भी छात्र प्रेरण कार्यक्रमों में साइबर सुरक्षा सत्र आयोजित करने पर जोर दिया है।विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने कहा कि संस्कारारंभ केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से ‘नशा मुक्त, रैगिंग मुक्त और साइबर सुरक्षित परिसर’ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया। अंत में विश्वविद्यालय की ओर से अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर रजिस्ट्रार श्रीमती अंबिका जुयाल, डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. आरबी सिंह, डॉ. सीता जुयाल, पीपीएस रिटायर्ड संगठन के महासचिव श्रीधर बडोला, एडीआईटी प्रभारी मुकेश त्यागी, एसओ सहसपुर अनुज कुमार, रिटायर्ड डिप्टी एसपी धीरेंद्र रावत, विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी मौजूद रहे।
