उत्तराखंड डेली न्यूज:ब्योरो
देहरादून, देश में आगामी त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका न लगे, इसके लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और कड़ा नीतिगत कदम उठाया है। लगातार बढ़ती कीमतों और घटती आपूर्ति के बीच, सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता सुधारने के लिए 10 लाख यानी (1 मिलियन) मीट्रिक टन चीनी के शुल्क-मुक्त यानी (ड्यूटी-फ्री) आयात की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब पिछले दो महीनों में चीनी की कीमतों में लगभग 40 प्रतिशत का भारी उछाल देखा गया है। सरकार का यह कदम त्योहारों के दौरान घरेलू मांग को पूरा करने और बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक 18 अगस्त को देश की औसत खुदरा कीमत 52.3 रुपये किलो थी, वहीं, झारंखड और बिहार के कई प्रमुख शहरों के खुदरा बाजारों में चीनी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है,कई शहरों में चीनी 65 से 70 रुपये किलो के आसपास बिक रही है, बिहार की राजधानी पटना में खुदरा भाव 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की खबर है तो रांची में चीनी करीब 65 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है ।
बिहार
पटना: ₹70/किलो
दरभंगा: ₹70–72/किलो
मुजफ्फरपुर: ₹62–70/किलो
सासाराम/चेनारी: ₹70/किलो
पूर्णिया: ₹65–68/किलो
समस्तीपुर: ₹65–68/किलो
बेगूसराय: ₹67–68/किलो
झारखंड
रांची: ₹65–70/किलो
धनबाद: ₹65–68/किलो
जमशेदपुर: ₹64–68/किलो
बोकारो: ₹65–67/किलो
चीनी उत्पादन में करीब पांच फीसदी की कमी :
कारोबारियों के अनुसार, इस साल चीनी का उत्पादन पिछले साल की तुलना में करीब पांच फीसदी कम रहा है, उत्पादन घटने का असर बाजार में उपलब्ध चीनी के भंडार पर भी पड़ा है, नया पेराई सत्र अक्तूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में शुरू होता है, तब तक बाजार में मौजूदा स्टॉक पर ही काफी हद तक निर्भरता बनी रहेगी।
एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से भी प्रभावित हुआ चीनी का उत्पादन :
कारोबारियों का कहना है कि चीनी मिलों ने अधिक लाभ के लिए गन्ने से चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल उत्पादन को प्राथमिकता दी, पेट्रोल और शराब बनाने वाली कंपनियों की ओर से एथेनॉल की मांग बढ़ी है, इस बढ़ी हुई मांग का असर चीनी के उत्पादन पर पड़ा और बाजार में उपलब्ध चीनी की मात्रा प्रभावित हुई. अब कम स्टॉक और बढ़ती मांग के बीच कीमतों में तेजी देखी जा रही है ।त्योहारों से पहले मिठाई कारोबारियों की बढ़ी परेशानीचीनी के दाम बढ़ने का असर मिठाई कारोबार पर भी पड़ रहा है, मिठाई कारोबारी और यूपी आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष के मुताबिक, अगले एक महीने में कई बड़े त्योहार हैं, ऐसे में मिठाई की मांग बढ़ना तय है । उन्होंने बताया कि मिठाई बनाने में करीब 20 फीसदी चीनी का इस्तेमाल होता है, एक किलो खोये में लगभग 200 ग्राम चीनी लगती है, ऐसे में चीनी महंगी होने से मिठाई की लागत सीधे बढ़ रही है ।
कच्चे माल की लागत 25 से 30 फीसदी बढ़ी :
कारोबारियों के मुताबिक, मांग के मुकाबले उन्हें करीब आधी ही चीनी की आपूर्ति मिल रही है. इसके अलावा कच्चे माल की लागत भी 25 से 30 फीसदी तक बढ़ चुकी है, व्यावसायिक सिलिंडर पर सरकार की ओर से मिलने वाली 375 रुपये की राहत भी बढ़ी हुई लागत के सामने बेअसर साबित हो रही है, लागत बढ़ने से मिठाई कारोबारियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ गया है ।
त्योहारों में चीनी की कीमतों पर रहेगी नजर :
रक्षाबंधन से लेकर दिवाली तक लगातार त्योहार आने वाले हैं. ऐसे में चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है।
कारोबारियों के मुताबिक, यदि बाजार में आपूर्ति नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में चीनी के भाव में और तेजी देखने को मिल सकती है ।
