उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
हरियाणा सचिवालय के रिटायर कर्मचारी सुभाष चंद्र के लिए गुरुवार की रात सुकून भरी नींद लेकर आई। उन्होंने 23 साल पहले लापता हुए और मृत मान लिए गए प्रकाश को तमिलनाडु में उनकी बूढ़ी मां सुंदरी से मिलाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अमृतसर के अजनाला स्थित जसौर गांव में एक डेयरी फार्म के मालिकों ने प्रकाश को 18 साल तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देकर बंधुआ मजदूर बनाकर रखा था। उन्हें मवेशियों के साथ जंजीरों में बांधकर रखा जाता था।प्रकाश की दर्दनाक आपबीती का खुलासा करते हुए सुभाष चंद्र ने बताया, “आप उस व्यक्ति की दुर्दशा की कल्पना कर सकते हैं जिसे दिन में सिर्फ दो बार खाना दिया जाता था, मवेशियों के साथ रखा जाता था और रात में बिना किसी गद्दे या चादर के लोहे के बिस्तर से जंजीर से बांध दिया जाता था। 18 साल तक वह इस नरक को सहता रहा।”उन्होंने याद करते हुए बताया कि वे पहली बार मई 2023 में प्रकाश से मिले थे। उस समय प्रकाश की हालत बहुत खराब थी। वह बोल नहीं पा रहा था और केवल दूसरों की बातें दोहराता था। शुरुआती चार महीने काफी कठिन थे। काफी प्रयासों और देखभाल के बाद आखिरकार उसने तमिलनाडु के अपने घर के बारे में बात करना शुरू किया। इसके बाद सुभाष चंद्र ने तिरुप्पुर जिले के पल्लाडम में रहने वाले अपने पत्रकार मित्र मुथैया से संपर्क किया और उसके परिवार की खोजबीन शुरू की।
एनजीओ ने 2022 में कराया था आजाद
वर्ष 2003 में एक छोटी सी पारिवारिक गलतफहमी के बाद प्रकाश तमिलनाडु स्थित अपना घर छोड़कर भाग गया था और दर-दर की ठोकरें खाते हुए पंजाब पहुंच गया। वर्ष 2022 में अपना फर्ज सेवा सोसाइटी के मुख्य सेवादार पाल सिंह खरौद को जब इसकी भनक लगी, तो उन्होंने प्रकाश को उस डेयरी फार्म से रेस्क्यू कराया। सुभाष चंद्र ने बताया कि जब उसे छुड़ाया गया तब उसकी हालत ऐसी थी कि वह पेट भरकर खाना खाने से भी डरता था। एनजीओ द्वारा दिए गए प्यार, देखभाल और इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ।प्रकाश अब तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के पूमलाईपट्टी अनाईकुलम गांव में अपनी मां सुंदरी के पास सुरक्षित पहुंच चुका है। वर्षों बाद अपने बेटे को सामने पाकर भावुक हुई मां सुंदरी ने कहा, “उसने जो कुछ सहा, उसके बारे में सोचकर भी कलेजा कांप उठता है। जिन लोगों ने मेरे बेटे को इतने सालों तक बंधक बनाकर रखा और अत्याचार किए मैं उन्हें कभी माफ नहीं कर सकती। मुझे उम्मीद है कि उन्हें उनके किए की सख्त सजा मिलेगी।”
