उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) उत्तरकाशी के नव नियुक्त प्रधानाचार्य कर्नल एसएस राजपुरोहित ने गुरुवार को पदभार ग्रहण कर लिया है।इस अवसर पर उन्होंने संस्थान की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण तथा युवाओं में साहसिक गतिविधियों के प्रति जागरुकता बढ़ाने की बात कही। कर्नल एसएस राजपुरोहित निम के 17वें प्रधानाचार्य हैं।बता दें कि निम के पूर्व प्रधानाचार्य कर्नल अंशुमान भदौरिया बीते वर्ष निम के एवरेस्ट अभियान के दौरान सफल आरोहण के बाद वापस लौटते हुए हाई एल्टीट्यूट स्ट्रोक का शिकार हो गए थे।जिसके बाद से ही वह दिल्ली में उपाचाराधीन हैं, उनके स्थान पर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल हेमचंद्र सिंह को निम के प्रभारी प्रधानाचार्य का जिम्मा दिया गया था।लेकिन, पूर्व प्रधानाचार्य भदौरिया का कार्यकाल पूरा होने व उनके पूर्ण रूप से स्वस्थ्य नहीं होने के चलते कार्यकाल विस्तार संभव नहीं हो पाने पर नए प्रधानाचार्य की नियुक्ति की गई।इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने सेना के वरिष्ठ व अनुभवी अधिकारी कर्नल एसएस राजपुरोहित को चुना है।उनके पास उच्च हिमालय क्षेत्रों में सेवा, पर्वतीय युद्धकला, नेतृत्व तथा प्रशिक्षण का लगभग 24 वर्षों का अनुभव है। कर्नल राजपुरोहित इससे पूर्व हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में प्रशिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।उन्होंने माउंटेन वारफेयर, विंटर वारफेयर, तथा माउंटेन एवं कोल्ड वेदर आपरेशंस सहित अनेक विशिष्ट सैन्य प्रशिक्षण उत्कृष्ट ग्रेड के साथ पूर्ण किए हैं।इसके साथ ही कर्नल राजपुरोहित ने तीन बार माचोई शिखर पर सफल आरोहण, माउंट भागीरथी द्वितीय अभियान, माउंट डी-41 के सफल आरोहण में शामिल रह चुके हैं। साथ ही क्वालीफाइड स्काइ डाइवर के रूप में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं।
