उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
दही जमाने वाला पत्थर एक पारंपरिक तरीका है, जिसमें खास खनिज और प्राकृतिक बैक्टीरिया की मदद से दूध दही में बदल जाता है. यह जामन की तरह ही काम करता है, लेकिन इसमें अलग माध्यम इस्तेमाल होता है. हालांकि आज इसका इस्तेमाल कम होता है.हम सभी जानते हैं कि दही जमाने के लिए आमतौर पर थोड़ा सा पुराना दही (जामन) दूध में मिलाया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि सिर्फ एक पत्थर से भी दही जमाया जा सकता है? सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन यह सच है. भारत के कुछ इलाकों में एक खास तरह के पत्थर का इस्तेमाल दही जमाने के लिए किया जाता है. इस पत्थर को आम बोलचाल में दही जमाने वाला पत्थर कहा जाता है. इसका नाम हाबूर स्टोन है. असल में यह कोई जादुई चीज नहीं है, बल्कि इसके पीछे साइंस छिपा हुआ है. यह हाबूर स्टोन खास तरह के मिनरल्स से बना होता है, जो दूध को दही में बदलने में मदद करते हैं.
