
उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो

लेफ्टिनेंट युवराज सिंह नुघाल ने भारतीय सेना में सेवा करने वाली चौथी पीढ़ी के तौर पर अपने परिवार की शानदार सैन्य विरासत को आगे बढ़ाया है। यह परंपरा भारत की आजादी से पहले शुरू हुई थी, जब उनके परदादा ने 7 जाट रेजिमेंट में सेवा की थी। इसके बाद उनके दादा ने 16 ग्रेनेडियर्स में और उनके पिता ने 7 मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में सेवा दी। इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) से कमीशन प्राप्त करने के बाद युवराज अब साहस, सम्मान, अनुशासन और देश के प्रति सेवा की उस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।एक ऐसा परिवार, जो पीढ़ियों से सेना को जवान दे रहा है। इस परिवार की सैन्य विरासत भारत की आजादी से पहले शुरू हुई थी और आज भी उसी गर्व के साथ आगे बढ़ रही है। परदादा, दादा और पिता के बाद अब युवराज ने भी भारतीय सेना की वर्दी पहनकर चौथी पीढ़ी के रूप में देशसेवा का संकल्प लिया है। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से कमीशन प्राप्त करने वाले युवराज केवल एक युवा अधिकारी नहीं, बल्कि सम्मान, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की उस परंपरा के नए वाहक हैं, जिसने दशकों से देश की रक्षा को अपना सबकुछ माना है।लेफ्टिनेंट युवराज सिंह नुघाल का परिवार देश सेवा की जीती-जागती मिसाल है। आइए इस सक्सेस स्टोरी में जानते हैं लेफ्टिनेंट युवराज सिंह नुघाल और उनके परिवार की प्रेरक यात्रा, जिसने देशभक्ति की विरासत को जीवित रखा है।युवराज के परिवार की चौथी पीढ़ी बनी भारतीय सेना का हिस्सा,लेफ्टिनेंट युवराज सिंह नुघाल भारतीय सेना में अधिकारी बनकर अपने परिवार की 4 पीढ़ियों से चली आ रही सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाने वाले नए सदस्य बन गए हैं। इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) के ऑफिशियल X अकाउंट x.com/IMA_IndianArmy/ पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका कमीशन होना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि देशसेवा, अनुशासन, सम्मान और त्याग पर आधारित पारिवारिक विरासत का नया अध्याय है। इस परिवार ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी भारतीय सेना में सेवा देकर राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा को कायम रखा है।
युवराज ने हिमाचल प्रदेश के इस स्कूल से पूरी की पढ़ाई
युवराज सिंह नुघाल ने हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित लॉरेंस स्कूल, सनावर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। वह साल 2020 बैच के छात्र रहे और स्कूल के Head Boy भी रहे। अपने नेतृत्व, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रेसीडेंट मेडल से भी सम्मानित किया गया था।
