उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
एमडीडीए की जनसुनवाई में लोगों ने उठाए कई मुद्दे, बोले शहर के लिए पर्याप्त पार्किंग सबसे जरूरी,देहरादून। प्रमुख संवाददाता एमडीडीए के प्रस्तावित मास्टर प्लान-2041 पर टाउन हॉल में आयोजित जनसुनवाई के दौरान लोगों ने शहर में मैट्रो, पर्याप्त पार्किंग, हरित पट्टी और नए टाउनशिप सहित कई सुझाव दिए। शहर की धारण क्षमता के अनुसार ही नए स्कूल कालेजों की बिल्डिंगों को मंजूरी की बात कही।संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा सुझाव,संयुक्त नागरिक संगठन ने सुझाव दिया कि मास्टर प्लान में शहर की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त पार्किंग, बस स्टॉप, बाइपास मार्ग, छोटे पार्क, चौड़े फुटपाथ और जहां संभव हो साइकिल ट्रैक का प्रावधान किया जाए। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए देहरादून को ऋषिकेश, हरिद्वार और विकासनगर से मेट्रो सेवा के माध्यम से जोड़ने की भी मांग उठाई गई।मंच के महासचिव सुशील त्यागी ने कहा कि शहर कंक्रीट का जंगल बन चुका है, अब बड़ी मंजिलों के निर्माण को अनुमति नहीं दें।नए टाउनशिप और भवन निर्माण पर रोक,इसके अलावा शहर के बाहर प्राधिकरण और आवास विकास विभाग के माध्यम से नए टाउनशिप विकसित करने, आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने तथा कॉलोनियों में तेजी से बढ़ रहे निजी विद्यालयों को नियंत्रित करने की मांग की गई। संगठन ने भूकंप के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील राजपुर क्षेत्र में बहुमंजिला भवनों पर स्थायी रोक लगाने और भवन निर्माण के लिए विशेष मानक तय करने का सुझाव भी दिया। जनसुनवाई में कैप्टन आलम सिंह भंडारी, नरेश चंद्र कुलाश्री, गिरीश चंद्र भट्ट, सुशील त्यागी, अवधेश शर्मा, दिनेश भंडारी, जगमोहन मेहंदीरत्ता, राजीव खनसाली, मोहन सिंह खत्री, ठाकुर शेर सिंह, कर्नल विक्रम सिंह थापा, अशोक बल्लभ शर्मा, संजय थापा, कमलेश्वर रतूड़ी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
रैंप निर्माण पर रोक और नीति
सड़क पर रैंप निर्माण पर लगे रोक लैंड यूज परिवर्तन की स्पष्ट नीति, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल रिचार्ज की प्रभावी निगरानी व्यवस्था, सड़क स्तर से प्लॉट की अधिकतम ऊंचाई का मानक तय करने तथा सड़क पर रैंप निर्माण पर नियंत्रण की मांग भी रखी। संगठन का कहना है कि अनियंत्रित रैंप और लगातार ऊंची होती सड़कें शहर की जलनिकासी और यातायात दोनों के लिए बड़ी समस्या बन रही हैं।आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम की आवश्यकता,स्थायी और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम बने वर्षाकाल के दौरान जलभराव रोकने के लिए आधुनिक ड्रेनेज व्यवस्था, बढ़ती आबादी के अनुरूप कूड़ा निस्तारण केंद्र और डंपिंग जोन विकसित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारों को हरित पट्टी के रूप में संरक्षित कर व्यापक वृक्षारोपण करने तथा पूरे शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए एमडीडीए के नेतृत्व में टास्क फोर्स गठित कर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।
