उत्तराखंड डेली न्यूज ;ब्योरो
देश में एसी और फ्रिज को बनाने की प्रक्रिया में काफी हद तक बदलाव की बयार बहने वाली है. एसी और फ्रिज में इस्तेमाल होने वाले कम्प्रेशर के विदेशों से आयात पर कड़े प्रतिबंधों के कारण उनको देश में बनाने की होड़ अब तेज होने वाली है. इससे भारी पैमाने पर विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है.देश में एसी और फ्रिज इंडस्ट्री अब बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश करने जा रही है. केंद्र सरकार ने एसी और रेफ्रिजरेटर में इस्तेमाल होने वाले कम्प्रेशर के आयात को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जिसके बाद कंपनियों के बीच देश में ही उत्पादन बढ़ाने की होड़ तेज हो गई है. अब तक बड़ी संख्या में कम्प्रेशर विदेशों, खासकर चीन और दूसरे एशियाई देशों से आयात किए जाते थे. लेकिन सरकार का फोकस अब घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने और विदेशी निर्भरता घटाने पर है. माना जा रहा है कि इस कदम से देश में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिल सकता है.
