उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
भारतीय इंजीनियरों ने बड़ा कमाल किया है। उन्होंने भारी-भरकम टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल करते हुए हिमालय में रेल सुरंग बना दी है।भारतीय इंजीनियरों ने एक बड़ा कमाल किया है। उन्होंने हिमालय के नीचे कामयाबी के साथ एक लंबी रेल सुरंग बना दी है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना मील का पत्थर बनने जा रही है। इस उपलब्धि को भारत की इंजीनियरिंग क्षेत्र का बड़ा कमाल माना जा रहा है। आसान लहजे में समझते हैं कि भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग परियोजना कैसे बन रही है और इसे इंजीनियर्स कैसे बना रहे हैं। रणनीतिक रूप से अहम इस प्रोजेक्ट को पूरा करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी सपना है।
इंजीनियरों का कारनामा:
टनल नंबर 8 पूरी रेल लाइन की रीढ़
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉड गेज रेल परियोजना के तहत देवप्रयाग और जनासू के बीच 14.58 किलोमीटर लंबी टनल नंबर 8 भारत की आधिकारिक रूप से सबसे लंबी रेलवे सुरंग बन चुकी है। इससे पहले, जम्मू-कश्मीर की 11.2 किमी लंबी पीर पंजाल सुरंग सबसे लंबी हुआ करती थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह क्रिटिकल टनल महत्वाकांक्षी 125 किलोमीटर लंबी रेल लाइन की रीढ़ है, जो पवित्र चार धाम यात्रा की लाइफलाइन बनने जा रही है।
कैसे बनाई जा रही है यह रेल सुरंग
सूत्रों के अनुसार, इस टनल को बनाने में इंजीनियरिंग तकनीक के बेमिसाल तरीकों का इस्तेमाल किया गया है। इंजीनियरों ने टनल बोरिंग मशीनों (TBMs) का इस्तेमाल किया, जो बड़ी से बड़ी चट्टानों को तोड़कर सुरंग बना देती हैं।पहाड़ तोड़ने में न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का इस्तेमाल किया गया। अधिक जटिल और नाजुक भूभाग में सुरंग बनाते वक्त यह तरीका बेहद कारगर होता है।
