उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के बीच यात्री ट्रेनों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। मालगाड़ियां 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से इस ट्रैक पर दौड़ेंगी।रेल परियोजना में शिवपुरी से ब्यासी के बीच ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) पहले चरण में जून 2028 तक ब्यासी तक ट्रेनों का संचालन करेगा।ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। पर्वतीय जिलों में रेल नेटवर्क पहुंचाने के साथ ही यह सामारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।आरवीएनएल ने इस रूट पर ट्रेनों की गति को तय कर दिया है। यात्री ट्रेनों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि मालगाडियां 65 किमी प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से चलेंगी।ऋषिकेश से आगे परियोजना में 11 स्टेशन हैं। पूरा ट्रैक पूर्णत विद्युतिकरण है। ट्रैक बिछाने की काम भी शुरू कर दिया गया है। ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी के ऊपर बने पुल के ऊपर ट्रैक बिछाया जा चुका है।ढालवाला से शिवपुरी तक की सुरंग की खोदाई अभी पूरी नहीं हो पाई है। यह सुरंग 10.8 किमी लंबी है। शिवपुरी से ब्यासी के बीच ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रैक को परखने के लिए ट्रायल के लिए ट्रेन चलाने की तैयारी भी की जा रही है।परियोजना में पहाड़ में ट्रेन दो हिस्सों में पहुंचेगी। योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन से ब्यासी के बीच 27.69 किमी के रेल खंड में जून 2028 और ब्यासी से कर्णप्रयाग के बीच 92. 60 किमी के रेल खंड में दिसंबर 2029 तक ट्रेन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।पांच जिले शामिल हैं परियोजना में
परियोजना में पांच जिले देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग एवं चमोली शामिल हैं। यह परियोजना गढ़वाल क्षेत्र को सुरक्षित, विश्वसनीय एवं हर मौसम में रेल संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है।ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक सड़क की दूरी 175 किलोमीटर है। रेल मार्ग से यह दूरी 125 किलोमीटर रह जाएगी। सड़क मार्ग से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग पहुंचने में करीब छह घंटे लगते हैं, ट्रेन से यह समय घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगा।
यह स्टेशन हैं शामिल
परियोजना में ऋषिकेश से आगे शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धारीदेवी , तिलानी, घोलतीर, गौचर एवं कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशन शामिल हैं। शिवपुरी और ब्यासी स्टेशन निर्माण का काम इन दिनों चल रहा है।बाकी के टेंडर खुल चुके हैं। कुछ में काम अवार्ड कर दिया गया है। जिसमें भी काम शुरू करने की तैयारी की चल रही है।
