
उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
बदरीनाथ धाम में बीमार पड़े 60 वर्षीय श्रद्धालु को हेलीकॉप्टर से पहुंचाया देहरादून, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की तत्परता से मिली मदद
चमोली / उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में बीमार और घायल लोगों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा जीवनदायिनी साबित हो रही है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन सड़क मार्गों के बीच गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने में हेलीकॉप्टर सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में बदरीनाथ धाम में अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़े मध्यप्रदेश के उज्जैन निवासी 60 वर्षीय श्रद्धालु श्री बृह मोहन माहेश्वरी को हेलीकॉप्टर के माध्यम से देहरादून पहुंचाया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ धाम में दर्शन के लिए पहुंचे श्री माहेश्वरी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल बदरीनाथ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार प्रदान किया। इसके बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ रेफर कर दिया गया।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ में चिकित्सकों ने श्रद्धालु की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) ले जाने की सलाह दी। इसके बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से ज्योतिर्मठ से देहरादून पहुंचाने की व्यवस्था की।
दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा के लिए अहम है हवाई सेवा
पर्वतीय क्षेत्रों में कई बार सड़क मार्ग से मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में अधिक समय लग जाता है। ऐसे में गंभीर रूप से बीमार या घायल लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। विशेषकर चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की भूमिका और भी अहम हो जाती है।
बदरीनाथ धाम में बीमार पड़े श्रद्धालु को हेलीकॉप्टर से देहरादून पहुंचाने की यह घटना दर्शाती है कि आपात परिस्थितियों में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच समन्वय मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसी हवाई सेवाएं जरूरतमंद मरीजों के लिए राहत का माध्यम बन रही हैं।

