उत्तराखंड डेली न्यूज़: ब्योरो
देहरादून, 22 अगस्त। कसिगा स्कूल, देहरादून में शनिवार को इंटर-स्कूल फिल्म रिव्यू फिल्म फेस्ट कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में डॉ. कंचन नेगी मुख्य अतिथि एवं निर्णायक के रूप में उपस्थित रहीं। कसिगा स्कूल की निदेशक चांदनी बत्ता ने डॉ. कंचन नेगी का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से मुख्य अतिथि का अभिनंदन करते हुए विद्यार्थियों के लिए ऐसे रचनात्मक मंच उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की गई।फिल्म फेस्ट कॉम्पिटिशन में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, फिल्म समझ, आलोचनात्मक सोच, कम्युनिकेशन स्किल्स और प्रस्तुतीकरण क्षमता को परखा गया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को तीन चयनित फिल्मों का प्रदर्शन कराया गया, जिनमें से दो फिल्मों के आधार पर विद्यार्थियों को अपनी फिल्म समीक्षा प्रस्तुत करनी थी।विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों में फिल्म की कहानी, पटकथा, अभिनय, निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, संगीत, पात्रों के चित्रण, सामाजिक संदेश एवं फिल्म के प्रभाव जैसे विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच देखने को मिली। विभिन्न विद्यालयों के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी।मुख्य अतिथि डॉ. कंचन नेगी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज का दर्पण भी होती हैं। फिल्में हमें समाज, मानवीय भावनाओं और जीवन के विभिन्न पहलुओं को एक अलग दृष्टिकोण से देखने का अवसर देती हैं।”उन्होंने कहा कि शैक्षणिक एवं उद्देश्यपूर्ण फिल्में विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, रचनात्मक सोच, आलोचनात्मक विश्लेषण और सामाजिक जागरूकता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। फिल्म समीक्षा के माध्यम से विद्यार्थी किसी विषय को गहराई से समझने के साथ-साथ अपने विचारों को तर्कपूर्ण एवं प्रभावशाली तरीके से व्यक्त करना भी सीखते हैं।डॉ. नेगी ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। “ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में कॉन्फिडेंस पैदा करती हैं। जब बच्चे मंच पर आकर अपनी बात रखते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने विचारों को बेहतर तरीके से व्यक्त करना सीखते हैं।”प्रतियोगिता में दून इंटरनेशनल स्कूल, देहरादून ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं अन्य प्रतिभागी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा रहा और प्रस्तुतियों के मूल्यांकन में निर्णायक मंडल के सामने भी चुनौती रही।डॉ. कंचन नेगी ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रतियोगिता में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे अधिक महत्वपूर्ण है सीखने की प्रक्रिया, आत्मविश्वास और अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता। उन्होंने सभी बच्चों को भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के समापन पर डॉ. कंचन नेगी ने कसिगा स्कूल के निदेशक चांदनी बत्ता, विद्यालय प्रबंधन, आयोजन टीम, शिक्षकों और सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच प्रदान करना अत्यंत सराहनीय पहल है और ऐसे आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।उन्होंने कसिगा स्कूल को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि फिल्म, कला और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े ऐसे मंच बच्चों को न केवल सीखने का अवसर देते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और नेतृत्व के गुण भी विकसित करते हैं।कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सिनेमा को यदि सही दृष्टिकोण से समझा जाए तो वह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, भावनात्मक विकास और व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है।

