उत्तराखंड डेली न्यूज: ब्योरो
प्रशासन ने मात्र डेढ़ दिन में सफलता पूर्वक पूरा किया रेस्क्यू अभियान
उत्तरकाशी। जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्वतारोहण के लिए विभिन्न पर्वत श्रृंखलाओं के बेस कैंपों में फंसे ट्रेकर्स को हेलिकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन को ओर से शुरू किया गया रेस्क्यू अभियान सोमवार को भी जारी रहा। अभियान के तहत आज कालिंदी सहित अन्य कई बस कैंपों से 27 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकाला गया। अब तक कुल 67 ट्रेकर्स का रेस्क्यू कर अभियान को पूर्ण कर दिया है। पर्वतारोहण के लिए गए कुछ दल स्वयं वापस लौट रहे है।जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी मात्रा में बर्फवारी होने से विभिन्न चोटियों के रोहण लिए अलग अलग टीमों में गये करीब 136 ट्रेकर्स और पोर्टर बेस कैंपों में फंस गए थे। यह देखकर प्रशासन की ओर से सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया, अभियान में, एसडीआरएफ,एनडीआरएफ,सेना,पुलिस,आपदा प्रबंधन का बचाव एवं राहत दल कार्य करने में जुटे रहे। प्रशासन की ओर से आपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा हर्षिल हेलीपेड में रेस्क्यू कार्य की निगरानी कर थे। बीते रोज जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ,पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमलेश उपाध्याय समेत कई आलाअफसर हर्षिल के रेस्क्यू कार्य की देख रेख में डटे रहे। डीएम ने मंगलवार को भी आपदा प्रबंधन परिचालन केंद से रेस्क्यू कार्य की माँनिट्रेनिग कर जानकारी प्राप्त की। हेलीकॉप्टर के माध्यम से चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान के तहत सोमवार को कालिंदी पास क्षेत्र से 8 ट्रेकर्स,पोर्टर्स को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित हर्षिल हेलीपैड लाया गया है। इस पिक पर बचाव कार्य पूर्ण कर लिया गया है। डेढ़ दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के तहत कुल 67 सदस्यों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। ओडिन कॉल पास से 29, जोगिन–I से 8, संतोपंथ से 8, कालिंदी पास से 19 तथा वासुकी ताल से 3 आर्मी पोर्टर्स का रेस्क्यू किया गया। वहीं श्रीकंठ एक्सपीडिशन पर गए 18 सदस्य SSB दल अपने अभियान को पूरा करना चाहते है। जबकि सुदर्शन पीक पर 12 सदस्य, भागीरथी–II (आर्मी) 20 सदस्य, भागीरथी–II 09 सदस्य, शिवलिंग 7 और 5 सदस्य दल स्वयं सुरक्षित वापस आ रहे हैं।रेस्क्यू किए गए सभी ट्रेकर्स, पोर्टर का स्वास्थ्य परीक्षण करने पर स्थिति सामान्य पाई गई तथा उन्हें अपने गंतव्य को भेज दिया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित एजेंसियों के समन्वय स्थापित कर अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। शेष अन्य ट्रेकर्स स्वयं वापस लौट रहे है। रेस्क्यू अभियान के सफलतापूर्वक पुर होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
