उत्तराखंड डेली न्यूज :ब्योरो
बद्रीनाथ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान बदरी विशाल का धाम रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा है। रात के अंधेरे में रोशनी से सजा बदरीनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर परिसर और आसपास की विशेष सजावट से धाम का नजारा देखते ही बन रहा है।हर वर्ष की तरह इस बार भी जन्माष्टमी को लेकर बदरीनाथ धाम को विशेष रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी और चमचमाती लाइटों से सजे मंदिर की आभा रात में और भी दिव्य नजर आ रही है। रोशनी में नहाया बदरीनाथ मंदिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर धाम में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए बदरीनाथ पहुंचते हैं। मंदिर में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना और उत्सव में शामिल होते हैं।
जन्माष्टमी पर रात दो बजे बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
बदरीनाथ। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर बदरीनाथ धाम के कपाट चार सितंबर की मध्यरात्रि करीब दो बजे बंद किए जाएंगे। इसके बाद पांच सितंबर को प्रातःकालीन पूजाओं के लिए मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार पांच सितंबर को सुबह 5:30 बजे घंटी बजेगी। सुबह छह बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे और 6:30 बजे से महाभिषेक पूजा शुरू होगी। इसके बाद मंदिर में निर्धारित समय के अनुसार पूजा-अर्चना संपन्न होगी।वहीं, छह सितंबर से बदरीनाथ धाम में मंदिर खुलने और पूजाओं का समय पूर्ववत रहेगा। मंदिर समिति की ओर से जारी कार्यालय ज्ञाप में संबंधित अधिकारियों, पुजारियों और कर्मचारियों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।जन्माष्टमी को लेकर धाम में श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। शाम ढलते ही रंगीन रोशनी से जगमगाता बदरीनाथ धाम और मंदिर परिसर का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
