उत्तराखंड डेली न्यूज़:ब्योरो
क्या आपने कभी सोचा है कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के साथ काम करने का व्यक्तिगत अनुभव कैसा होता होगा? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी (Aide-de-Camp) के रूप में तीन साल तक सेवा देने वाले मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि आधिकारिक प्रोटोकॉल और भारी जिम्मेदारियों से परे, राष्ट्रपति के साथ उनका रिश्ता बेहद आत्मीय और मां-बेटे जैसा बन गया था, जिसमें गहरा स्नेह और परस्पर सम्मान शामिल था।इस प्रतिष्ठित पद पर सेवा देना कड़े व्यक्तिगत त्याग की भी मांग करता है। मेजर सांब्याल ने खुलासा किया कि राष्ट्रपति की सेवा में तैनात एडीसी को अपने कार्यकाल के दौरान शादी करने की अनुमति नहीं होती है, जो इस जिम्मेदारी के प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाता है।मेजर सांब्याल के ये संस्मरण राष्ट्रपति भवन की औपचारिक दुनिया के पीछे छुपे मानवीय पहलुओं, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की एक दुर्लभ और प्रेरक झलक प्रस्तुत करते हैं।
